The smart Trick of Sad Shayari in Hindi That No One is Discussing

कभी कोई उसके कंधे पर सिर रखकर पूछे भी— “तू ठीक है?”

पर शायद एक याद बनकर… कभी-कभी याद आ ही जाऊँ।

टूट कर भी हँस देना उसने खुद को सिखा दिया है,

अब कोई मिले या ना मिले… फर्क ही नहीं पड़ता।

दरख़्त-ए-नीम हु मै मेरे नाम से घबराहट हो गई,

जख्म दिल के पुराने, दर्द अभी भी ताज़ा है,

रिश्तों की भीड़ में सबसे अकेले हम ही रहे,

वो कितना अपना था और हम कितने अकेले हैं।

और तो और ये दिमाग है जो ये मानने को तैयार ही नही है,

होंठों पर हँसी है… और आवाज़ में दर्द के छाले हैं।

जब पिंजरे से प्यार हुआ, तो रिहाई का वक्त आ पोहोंचा…!

मगर वो ख्वाबों में आने से भी बाज़ नहीं आते।

कहो तो भेज दू अपना दिल फिर से दुखाने को।

और फिर भी वो हमसे ही विश्वास की बातें Sad Shayari in Hindi करते रहे।

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