The smart Trick of Sad Shayari in Hindi That No One is Discussing

कभी कोई उसके कंधे पर सिर रखकर पूछे भी— “तू ठीक है?” पर शायद एक याद बनकर… कभी-कभी याद आ ही जाऊँ। टूट कर भी हँस देना उसने खुद को सिखा दिया है, अब कोई मिले या ना मिले… फर्क ही नहीं पड़ता। दरख़्त-ए-नीम हु मै म